Wednesday, October 13, 2021

!! रात एक संगीत है !!

 



रात एक संगीत है

बहती  हवा  के  गीत  सी,
जलती  शमा के  प्रीत सी,
झिलमिलाती विभावरी में, तारकों  का  गीत   है।
रात   एक    संगीत   है।।


डूबती    है    बादलों   में,
मूंद   आँखें   काजलों  में,
उर में सिहरती दामिनी के, ढलती पहर सी शीत है।
रात    एक    संगीत   है।।


तोड़कर नभ तारिकायें,
गन्ध-डूबी  दस दिशायें,
अंचल में जुगनुओं सम, बांधती गगन की सीप है।
रात  एक  संगीत   है।।


सघन श्यामल व्योम में,
श्वेत  शीतल   सोम   में,
कंपकंपाती   रोम     में, नेत्रों में स्वपनिल प्रीत है।
रात  एक  संगीत   है।।


स्वप्न    डूबे   लोचनो    में,
विस्मृत  यादों  के क्षणों में, 
अंचल में सोती यामिनी के, पुकारती कोई मीत है।
रात    एक    संगीत   है।। 

 –© 'अनामिका'

No comments:

Post a Comment

" वो आहुति मेरी हो। "

                         चाहे विडंबना जैसी हो पर माँ चरणों में तेरी वो आहुति मेरी हो.. हो कुंठाओं से ग्रसित समय या कोलाहल में लिपटा लय मृत्य...