Thursday, August 12, 2021

|| देखो सावन आया री ||

घन घनघोर छाये व्योम में,

मनभावन  बेला लाया री!

झूम-झूम कर बदरा बरसे,

देखो,  सावन  आया   री!


व्योम-धरा मिलन को तरसे,

आ विरह आग बुझाया री!

प्यास शांत कर बदरा बरसे,

देखो,  सावन   आया    री!


धरती का देखो आँचल भीगे,

बदरा   बरस   बरसाया   री!

थिरक-थिरककर बरसे बदरा,

देखो,   सावन    आया    री!


क्यारी - क्यारी  फूल  खिले,

मधुमय  ॠतु  बन आया री!

उमड़ घुमड़ कर बदरा गरजे,

देखो,   सावन   आया    री!


देखो, फूलों  पर  भँवरे  गूँजे,

कलिकाएँ  भी  खिलाया री!

चहुँ   ओर   ये  बदरा  बरसे,

देखो,   सावन    आया   री!


गुनगुनाये  मंद - मंद  हवाएँ,

प्रिय   याद  संग  लाया   री!

मन - छंद  छू  बदरा ये बरसे,

देखो,   सावन    आया    री!


लेकर   यादों   की    बौछारें,

पेडों   पर   झूले  लाया   री!

बूँद - बूँद  कर   बदरा  बरसे,

देखो,   सावन    आया    री!


दादुर, कोयल, पिक, पपीहा,

गायें,  हरियाली  लहराया री!

चारो दिशा पुलकित कर बरसे,

देखो,    सावन   आया    री!


मंद   सुगंध  छाये  चहुँ  ओर,

खुशबू   सौंधी   तैराया    री!

मंद - मंद    ये    बदरा हरसे,

देखो,   सावन   आया     री!


श्री कृष्ण गोपियों संग मगन,

बांसुरी  भी  शोर मचाया री!

हरस-हरस फिर बदरा बरसे,

देखो,   सावन    आया   री!


शिव शम्भु को हर्षित करने,

शिवा ने बेला-वेणी रचाया री!

लरज - लरज ये बदरा बरसे,

देखो,    सावन    आया   री!


मेरी   तुलिका   संग मेघों के,

हृदय - हृदय    लहराया   री!

मंद - मंद   ये   बदरा   गरजे,

देखो,    सावन   आया    री! 

 

–©अनामिका


#देखो_सावन_आया_री #सावन #बारिश

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