वैभव तेरा अमर रहे माँ
गौरवशाली हर क्षण हो
आँचल हम पर रहे तेरा
तुझपे मिटने का प्रण हो।
रग रग में जो लहू भरा
वो अर्पण हो तुमपर माँ
बूँद-बूँद से कर्ज चुकाऊँ
करूँ सम्पूर्ण समर्पण जाँ।
यहाँ पुष्प और कलियाँ भी
तुम्हीं पर न्योछावर हैं
भरतभूमि की षड ॠतुएं
चरणों में तुम्हारे अर्पण हैं।
शोभायान भू-भाग रहे माँ
यूँ विजय सूर्य तेजमान रहे
संस्कृतियां सभी जुड़ीं रहें
प्रतिपल तेरा मान बढ़े।
सौगंध बार-बार लें तेरा
शीश तुझपर करें अर्पित
जीवन पुष्प चढ़ा चरणों में
तेरे,वैभव तेरा करें अर्जित।
अधिकार मांगने से पहले
कर्तव्य पूर्ण कर खड़े रहें
प्रहारों का प्रतिउत्तर दें
बिना डिगे हम अड़े रहें।
शर्रणार्थी हैं हमसब तेरे माँ
अधिकार तुम्हरा है हमपर
आश्रय और प्रेम दिया तुमने
कोटिशः ॠण तेरा हमपर।
आशीर्वाद हमें दो भारत माँ
साहस से भरा तन मन हो
आँचल हमपर रहे तेरा और
तुझपे मिटने का प्रण हो।
तुझपे मिटने का प्रण हो।।
— ©अनामिका
माँ भारती के चरणों में अर्पित 🙏🇮🇳🙏
संपूर्ण भारतवर्ष को स्वतंत्रता दिवस अनेकानेक मंगलकामनाएं 🖖
जय हिंद जय भारत 🖖🖖🖖

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